Iran Nuclear News: परमाणु कार्यक्रम पर ईरान का कड़ा रुख, अमेरिका और इसराइल की मांग को बताया ‘असंभव सपना’.
ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है और साफ कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) के मुद्दे पर कोई भी समझौता नहीं करेगा। गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने स्पष्ट किया कि ईरान का संवर्धन का अधिकार गैर-परक्राम्य है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इसराइल ईरान पर अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने का दबाव बना रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या है मुख्य विवाद?
ईरान के परमाणु प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने अमेरिका और इसराइल की मांगों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि संवर्धन पर पाबंदी लगाने की कोशिशें केवल एक सपना हैं जो कभी सच नहीं होगा। वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों के विचार बिल्कुल अलग हैं। ईरान चाहता है कि किसी भी शांति समझौते में वाशिंगटन उसके संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करे, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खत्म करना चाहता है।
आगामी बैठक और मौजूदा परमाणु स्थिति
इस संकट को सुलझाने के लिए इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय वार्ता होने वाली है। पाकिस्तान इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मुताबिक, ईरान इस समय 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धित कर रहा है, जो हथियार बनाने के लिए जरूरी 90 प्रतिशत शुद्धता के बहुत करीब है।
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| प्रमुख अधिकारी | Mohammad Eslami (AEOI Head) |
| मुख्य तारीख | 9 अप्रैल 2026 |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान (Islamabad) |
| अमेरिकी मांग | यूरेनियम को पूरी तरह हटाना |
| ईरानी मांग | संवर्धन जारी रखने की अनुमति |
| वर्तमान स्थिति | 60% यूरेनियम संवर्धन जारी |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कहा है कि ईरान में बचे हुए सभी संवर्धित पदार्थ को हटाया जाना चाहिए। वहीं, IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने भी चिंता जताई है कि ईरान निरीक्षकों को पूरी पहुंच नहीं दे रहा है, जिससे यह सुनिश्चित करना मुश्किल है कि उनका कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है या नहीं।




