Al Jazeera के पत्रकार मोहम्मद विशाह की इसराइली हमले में मौत, IDF ने बताया हमास का आतंकी, नेटवर्क ने किया इनकार
गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच अल जज़ीरा मुबाशर के संवाददाता मोहम्मद विशाह की एक इसराइली हवाई हमले में मौत हो गई है। यह हमला बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को उस समय हुआ जब विशाह गाजा सिटी के पास अल रशीद स्ट्रीट पर एक गाड़ी में जा रहे थे। गुरुवार को मध्य गाजा में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके परिवार और साथी पत्रकारों ने हिस्सा लिया। इस घटना के बाद एक बार फिर गाजा में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
इसराइली सेना और अल जज़ीरा के दावों में बड़ा टकराव
इसराइली सेना (IDF) ने विशाह की मौत पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। सेना का दावा है कि मोहम्मद विशाह हमास के रॉकेट और हथियार बनाने वाले मुख्यालय के एक मुख्य सदस्य थे। उनके मुताबिक, विशाह पत्रकार की पहचान का इस्तेमाल करके अपनी आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे थे। अल जज़ीरा मीडिया नेटवर्क ने सेना के इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। नेटवर्क ने इसे एक जघन्य अपराध और पत्रकारों को डराने की कोशिश करार दिया है।
गाजा में पत्रकारों की सुरक्षा और मौजूदा स्थिति की जानकारी
गाजा सरकार के मीडिया दफ्तर और अन्य संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। इस घटना से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- कुल मौतें: गाजा मीडिया ऑफिस के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक 262 पत्रकार मारे जा चुके हैं।
- हमले का तरीका: रिपोर्ट्स के अनुसार, एक इसराइली ड्रोन ने विशाह की गाड़ी को निशाना बनाया जिससे उसमें आग लग गई।
- नेटवर्क का रिकॉर्ड: मोहम्मद विशाह 2018 से अल जज़ीरा के साथ जुड़े थे और गाजा संघर्ष की शुरुआत से रिपोर्टिंग कर रहे थे।
- ceasefire की स्थिति: अमेरिका की मध्यस्थता में चल रहे युद्धविराम के बावजूद गाजा में हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं।
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने बताया है कि विशाह की मौत के साथ ही पिछले ढाई साल में इसराइली सेना के हाथों मारे गए पत्रकारों की संख्या 220 से अधिक हो गई है। इनमें से कम से कम 70 पत्रकार अपनी ड्यूटी करते समय अपनी जान गंवा चुके हैं। गाजा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों से अपील की है कि वे इस मामले में दखल दें और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसराइल पर दबाव बनाएं।




