लेबनान पर इसराइल के बड़े हमले के बाद दुबई आया समर्थन में, 10 मिनट में 100 से ज़्यादा जगहों पर बमबारी.
लेबनान में इसराइल की ओर से की गई ताज़ा बमबारी ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। सिर्फ 10 मिनट के अंदर लेबनान के 100 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले किए गए जिससे भारी तबाही मची है। इस मुश्किल घड़ी में दुबई के लोग और मीडिया प्लेटफॉर्म Lovin Dubai लेबनान की मदद और समर्थन के लिए एकजुट हो गए हैं। हाल ही में हुए इस हमले में सैकड़ों लोगों की जान गई है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं।
हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या है ताज़ा हालात?
इसराइल की ओर से किए गए इन हवाई हमलों में अब तक 250 से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर है और 1,100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। लेबनान के अधिकारियों के मुताबिक, बेरूत और दक्षिणी इलाकों में भारी तबाही हुई है। लगभग 12 लाख लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। हमले इतने तेज़ थे कि लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
- हमले का समय: अप्रैल 2026 के दूसरे हफ्ते में हुआ हमला
- प्रभावित जगहें: बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका वैली
- कुल मौतें: 254 के करीब (शुरुआती आंकड़े)
- घायलों की संख्या: 1,100 से ज़्यादा लोग अस्पताल में भर्ती
- विस्थापन: 12 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हुए
सीज़फायर के बीच क्यों हुआ लेबनान पर हमला?
हैरानी की बात यह है कि ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच एक अस्थायी सीज़फायर समझौता हुआ था, लेकिन इसमें लेबनान को शामिल नहीं किया गया। इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता है। इसके जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का संदेश भेजा है और लेबनान को सीज़फायर का हिस्सा बताया है।
| नेता या देश | आधिकारिक रुख |
|---|---|
| बेंजामिन नेतन्याहू | सीज़फायर लेबनान के लिए नहीं है |
| डोनाल्ड ट्रंप | लेबनान का मामला एक अलग झड़प है |
| ईरान सरकार | लेबनान समझौते का अटूट हिस्सा है |
| ब्रिटेन सरकार | लेबनान को समझौते में शामिल करना ज़रूरी है |
दुबई में रहने वाले प्रवासी और स्थानीय लोग सोशल मीडिया के ज़रिए लेबनान के प्रति अपनी संवेदनाएं और समर्थन ज़ाहिर कर रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने हमेशा से क्षेत्रीय शांति का समर्थन किया है और ऐसे समय में दुबई की आवाज़ें लेबनान के साथ खड़ी नज़र आ रही हैं।




