Iran Strait of Hormuz Rules: ईरान का नया फरमान, अब दिन में गुजरेंगे सिर्फ 15 जहाज, तेल टैंकरों पर लगेगा भारी टैक्स
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बेहद सख्त नियम लागू कर दिए हैं. अब इस समुद्री रास्ते से हर दिन सिर्फ 15 जहाजों को ही गुजरने की इजाजत मिलेगी. यह फैसला अमेरिका के साथ हुए दो हफ़्तों के युद्धविराम समझौते के बीच लिया गया है. रूस की समाचार एजेंसी तास (TASS) के अनुसार, ईरान ने यह कदम सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया है जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ना तय है.
जहाजों के लिए कौन से नए नियम और पाबंदियां लागू की गई हैं?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों के लिए नए वैकल्पिक रास्तों का ऐलान किया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि मुख्य समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगों का खतरा है इसलिए जहाजों को बताए गए रास्तों का ही पालन करना होगा. जो भी जहाज बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश करेगा उसे नष्ट किया जा सकता है. इसके अलावा जहाजों को अब गुजरने के लिए एक ईरानी एजेंट के माध्यम से आवेदन करना होगा और अपने सभी दस्तावेजों की जांच करानी होगी.
- हर दिन अधिकतम 15 जहाजों को ही रास्ता दिया जाएगा
- जहाजों को साबित करना होगा कि उनका संबंध अमेरिका या इजरायल से नहीं है
- बिना मंजूरी प्रवेश करने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है
- समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए ईरानी सेना की अनुमति जरूरी होगी
ट्रांजिट फीस और तेल की सप्लाई पर क्या असर पड़ेगा?
ईरान ने पहली बार इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर ट्रांजिट फीस लगाने का फैसला किया है. प्रति बैरल तेल पर एक डॉलर की फीस वसूली जाएगी और सबसे खास बात यह है कि इसका भुगतान बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में करना होगा. हालांकि जो तेल टैंकर खाली होंगे उन्हें इस फीस से छूट दी गई है. इस नियम का सीधा असर भारत और चीन जैसे देशों पर पड़ सकता है जो खाड़ी देशों से भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं.
| नियम का नाम | विवरण |
|---|---|
| प्रतिदिन जहाजों की सीमा | केवल 15 जहाज |
| ट्रांजिट फीस | 1 डॉलर प्रति बैरल तेल |
| पेमेंट का तरीका | क्रिप्टोकरेंसी (जैसे बिटकॉइन) |
| फीस का कारण | हथियारों की तस्करी रोकना और निगरानी करना |
अभी इस जलडमरूमध्य में लगभग 800 से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं जो सुरक्षित रास्ता मिलने का इंतजार कर रहे हैं. अमेरिका ने ईरान के इन प्रतिबंधों और टैक्स वसूलने के फैसले को पूरी तरह से गलत बताया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि ईरान को समुद्री यातायात में बाधा नहीं डालनी चाहिए और रास्ता बिना किसी पाबंदी के खुला रहना चाहिए. इस बीच भारत, पाकिस्तान और ओमान जैसे देशों ने ईरान के साथ सुरक्षित मार्ग के लिए अलग से बातचीत की है.




