अमेरिका की बढ़ी चौकसी, सीजफायर के बाद भी मिडिल ईस्ट में अलर्ट पर अमेरिकी सेना, कभी भी हो सकती है बड़ी तैनाती.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्ष विराम यानी सीजफायर की घोषणा हो चुकी है, लेकिन अमेरिकी सेना ने अपनी सतर्कता कम नहीं की है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने साफ किया है कि उनकी सेना अभी भी इस क्षेत्र में तैनात है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह सीजफायर 8 अप्रैल 2026 से लागू हुआ है, लेकिन तनाव को देखते हुए अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अमेरिकी सेना की तैनाती और मौजूदा अलर्ट से जुड़ी मुख्य बातें
एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, अमेरिकी सेना ने फिलहाल अपने हमलों को रोक दिया है लेकिन वे वापस नहीं लौटे हैं। सेना को अभी अलर्ट लेवल 2 पर रखा गया है, जिसका मतलब है कि आदेश मिलते ही सैनिक 6 घंटे से भी कम समय में बड़ी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। जनरल डैन केन ने भी दोहराया है कि भले ही अभी शांति है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सेना फिर से हमले शुरू करने के लिए तैयार है।
- हमलों की संख्या: अमेरिका ने अब तक ईरान के सैन्य ठिकानों पर 13,000 से ज्यादा स्ट्राइक की हैं।
- मौजूदा स्थिति: रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी सेना इस युद्धविराम के दौरान भी क्षेत्र में जमी रहेगी।
- सैन्य क्षमता: अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने ईरान की मिसाइल और उत्पादन क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है।
सीजफायर के बीच खाड़ी देशों और समुद्र की ताजा रिपोर्ट
पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए इस दो हफ्ते के सीजफायर के बीच क्षेत्र की स्थिति मिली-जुली बनी हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वालों के लिए भी यह समय संवेदनशील है। फिलहाल समुद्री रास्तों पर व्यापार पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है।
| क्षेत्र या विषय | ताजा स्थिति और अपडेट |
|---|---|
| Strait of Hormuz | व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अभी भी लगभग रुकी हुई है। |
| UAE एयरस्पेस | सीजफायर के बाद पहली बार यहां किसी हवाई खतरे का पता नहीं चला है। |
| Lebanon | इसराइल ने साफ किया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उसका सैन्य अभियान चलता रहेगा। |
| US Sailors | फारस की खाड़ी में कमर्शियल जहाजों पर फंसे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई गई है। |




