ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर लगाया बड़ा आरोप, स्कूलों और अस्पतालों को बनाया निशाना, 1700 नागरिकों की मौत का दावा.
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने अमेरिका और इसराइल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी का कहना है कि इन देशों ने ईरान के सैकड़ों स्कूलों, यूनिवर्सिटी और अस्पतालों पर जानबूझकर बमबारी की है। इस युद्ध में अब तक बड़ी संख्या में मासूम लोगों की जान जा चुकी है और कई अहम नागरिक ठिकाने तबाह हो गए हैं। यह स्थिति तब बनी है जब हाल ही में एक संक्षिप्त युद्धविराम की घोषणा की गई थी।
हमले में अब तक कितना हुआ नुकसान और क्या हैं आंकड़े?
विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान में हुए इन हमलों का असर आम जनता पर बहुत ज़्यादा पड़ा है। सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 1700 से ज़्यादा नागरिक मारे गए हैं। नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे बिजली घरों और पुलों को काफी नुकसान पहुँचने की आशंका जताई गई है।
| नुकसान का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| कुल नागरिक मौतें | 1700 से अधिक |
| बच्चों की मौत | 254 |
| निशाना बने स्थान | स्कूल, अस्पताल, यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाके |
| प्रमुख प्रभावित शहर | तेहरान, मिनाब, लामेर्द और अल्बोर्ज़ |
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने दावा किया है कि इसराइल और अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में नाकाम रहे हैं। हालांकि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने नागरिक ठिकानों पर हमलों को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखने की चेतावनी दी है और इसकी कड़ी निंदा की है।
सीज़फायर और बातचीत की मौजूदा स्थिति क्या है?
दोनों पक्षों के बीच 7 अप्रैल 2026 से दो हफ्ते का सीज़फायर लागू हुआ है। इसके तहत अमेरिका और इसराइल ने बमबारी रोकने का वादा किया है, बशर्ते ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित आवाजाही के लिए खुला रखे।
- 10 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू होगी।
- ईरान ने साफ़ किया है कि वे अमेरिका पर भरोसा नहीं करते और उनके जवान पूरी तरह अलर्ट हैं।
- लेबनान पर हाल ही में हुए हमलों से सीज़फायर टूटने का खतरा बढ़ गया है।
- ईरान का कहना है कि अगर हमले रुके तो वे अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देंगे।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का कड़ा जवाब देंगे। फिलहाल पूरी दुनिया की नज़रें इस्लामाबाद में होने वाली अगली बैठक और भविष्य के कदमों पर टिकी हैं।




