ईरान का बड़ा फैसला, पाकिस्तान में बातचीत के लिए रखी शर्त, लेबनान पर हमला रोकने पर ही होगी चर्चा
ईरान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान अब मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। 9 अप्रैल 2026 को आई ताज़ा जानकारी के अनुसार, ईरान का एक बड़ा डेलीगेशन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामबाद पहुंचने वाला है। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि वह शांति वार्ता में तभी हिस्सा लेगा जब इसराइल लेबनान पर अपने हमले तुरंत बंद कर देगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं, लेकिन अमेरिका और इसराइल के रुख ने मामले को उलझा दिया है।
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ईरान की 10 प्रमुख शर्तें और शांति प्रस्ताव
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पाकिस्तानी नेतृत्व से बात करते हुए अपनी 10 सूत्रीय योजना पेश की है। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान सुरक्षित नहीं है, तब तक क्षेत्र में किसी भी तरह की शांति संभव नहीं है। ईरान की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- लेबनान और अन्य मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह से रोका जाए।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान का कंट्रोल बना रहना चाहिए।
- ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को तुरंत हटाया जाए।
- ईरान को यूरेनियम संवर्धन का अधिकार मिले और उसे हुए नुकसान का हर्जाना दिया जाए।
- क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेना की वापसी सुनिश्चित की जाए।
अमेरिका और इसराइल का रुख और मौजूदा हालात
इस शांति वार्ता के बीच अमेरिका और इसराइल ने अलग स्टैंड लिया है जिससे विवाद बढ़ गया है। अमेरिका ने लेबनान को इस शांति समझौते का हिस्सा मानने से इनकार किया है। नीचे दी गई टेबल से आप वर्तमान स्थिति को समझ सकते हैं:
| पक्ष | ताज़ा स्थिति और बयान |
|---|---|
| डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिका) | ईरान पर हमले 2 हफ्ते के लिए रोकने को तैयार हैं, लेकिन लेबनान को इस डील से अलग रखा है। |
| बेंजामिन नेतन्याहू (इसराइल) | साफ़ कहा है कि लेबनान पर हमले जारी रहेंगे और यह किसी समझौते का हिस्सा नहीं है। |
| ईरान (विदेश मंत्रालय) | लेबनान पर हमले नहीं रुके तो ईरान होर्मुज के रास्ते को तेल टैंकरों के लिए बंद कर सकता है। |
| पाकिस्तान (मध्यस्थ) | अमेरिकी फैसले पर हैरानी जताई है और 10 अप्रैल को बड़ी मीटिंग बुलाई है। |
पिछले 24 घंटों में लेबनान पर इसराइल ने 100 से ज़्यादा हवाई हमले किए हैं, जिसे ईरान ने शुरुआती समझौते का उल्लंघन बताया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ये हमले जारी रहते हैं, तो वह पाकिस्तान में होने वाली बातचीत से पीछे हट सकता है और जवाबी कार्रवाई कर सकता है।




