दुबई में गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार अगले आदेश तक हुआ बंद, सुरक्षा और युद्ध की आशंका के चलते प्रशासन का बड़ा फैसला.
दुबई में रहने वाले सिख समुदाय और अन्य श्रद्धालुओं के लिए एक जरूरी खबर आई है। जेबेल अली स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार को आधिकारिक निर्देशों के बाद अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। दुबई प्रशासन और कम्युनिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सुरक्षा कारणों और मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की जान और सुरक्षा को प्राथमिकता देना है ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके।
गुरुद्वारा बंद करने का निर्णय क्यों लिया गया?
मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट की स्थिति है। जेबेल अली क्षेत्र जहाँ यह गुरुद्वारा स्थित है, वह जेबेल अली पोर्ट की मौजूदगी के कारण सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। प्रशासन को आशंका है कि युद्ध की स्थिति में भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थल संवेदनशील हो सकते हैं। इसी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने अगले आदेश तक लोगों के जमावड़े को रोकने का निर्देश दिया है। यह कदम पूरी तरह से एहतियाती है और इसका किसी भी धार्मिक भेदभाव से कोई संबंध नहीं है।
श्रद्धालुओं और प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- गुरुद्वारा कमेटी के चेयरमैन सुरेंदर सिंह कंधारी के अनुसार, अगले नोटिस तक सभी धार्मिक गतिविधियां और दर्शन बंद रहेंगे।
- सिर्फ गुरुद्वारा ही नहीं बल्कि दुबई के कुछ अन्य हिंदू मंदिर और चर्चों को भी सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
- प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और फिलहाल घर से ही प्रार्थना करें।
- धार्मिक संस्थानों ने इस दौरान ऑनलाइन सेवाओं और वर्चुअल माध्यमों से जुड़ने के लिए श्रद्धालुओं को प्रोत्साहित किया है।
- जैसे ही क्षेत्र की स्थिति सामान्य होगी और सुरक्षा एजेंसियों से हरी झंडी मिलेगी, सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया जाएगा।




