Iran-US Talks in Pakistan: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में होगी बड़ी बैठक, सुरक्षा के लिए शहर में दो दिन की छुट्टी का एलान.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए अब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सीधी बातचीत होने जा रही है। ईरान के उप विदेश मंत्री Saeed Khatibzadeh ने इस बात की पुष्टि की है कि उनका डेलिगेशन बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंच रहा है। व्हाइट हाउस ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत की अगुवाई करेंगे। इस अहम मुलाकात को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं।
बातचीत का समय और सुरक्षा के इंतजाम क्या हैं?
यह हाई-प्रोफाइल बैठक शनिवार, 11 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल 9 या 10 अप्रैल तक इस्लामाबाद पहुंच जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने दोनों देशों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और वह खुद इस प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। सुरक्षा कारणों से इस्लामाबाद में प्रशासनिक लॉकडाउन लगाया गया है और शहर में भारी फोर्स की तैनाती की गई है। इस बातचीत का मकसद पिछले कुछ दिनों से जारी अस्थाई युद्धविराम को एक ठोस समझौते में बदलना है।
क्या हैं दोनों देशों की शर्तें और मुख्य बिंदु?
इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन बंद करना होगा और जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में तैनात रहेगी। ईरान ने अपनी तरफ से 10 बिंदुओं का एक शांति प्रस्ताव रखा है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रमुख मुद्दा | लेबनान पर इजरायली हमले रोकना |
| अमेरिकी शर्त | यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना |
| युद्धविराम अवधि | 22 अप्रैल 2026 तक लागू है |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान और चीन |
| ईरान की मांग | सभी प्रतिबंधों को हटाना और नुकसान की भरपाई |
ईरान का मानना है कि लेबनान पर हमले युद्धविराम का उल्लंघन हैं, जबकि अमेरिका का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था। इसी असहमति के बीच होने वाली यह बातचीत पूरे क्षेत्र की शांति के लिए बहुत जरूरी मानी जा रही है।




