Hezbollah ने इसराइल पर दागी मिसाइल, तेल अवीव और अशदोद में बजे खतरे के सायरन, इसराइल ने लेबनान में किए जवाबी हमले
लेबनान के हिजबुल्लाह समूह ने 9 अप्रैल 2026 को इसराइल के उत्तरी इलाकों पर मिसाइल हमला किया. इस हमले की वजह से तेल अवीव और अशदोद जैसे शहरों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे जिससे लोग दहशत में आ गए. इसराइल की सेना ने एक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया, जबकि बाकी मिसाइलें खाली इलाकों में गिरीं.
ℹ: Tel Aviv में हुए जोरदार धमाके, ईरान और लेबनान से दागी गईं मिसाइलें, कई इमारतों को पहुंचा भारी नुकसान।
हिजबुल्लाह ने हमला क्यों किया और क्या हुआ
हिजबुल्लाह ने कहा कि यह हमला इसराइल द्वारा युद्धविराम के नियमों को तोड़ने का जवाब था. इससे पहले 8 अप्रैल को इसराइल ने बेरूत में एक हवाई हमला किया था, जिसमें हिजबुल्लाह नेता Naim Qassem के निजी सचिव और भतीजे Ali Yusuf Harshi मारे गए थे. इस हमले के बाद लेबनान में शोक दिवस घोषित किया गया और वहां के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इसे बर्बर हमला बताया.
इसराइल की जवाबी कार्रवाई और आगे की योजना
इसराइल की सेना (IDF) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान में हिजबुल्लाह के करीब 10 रॉकेट लॉन्चरों और हथियारों के डिपो को निशाना बनाया. साथ ही Litani नदी के उन रास्तों को भी तबाह किया गया जहां से हथियार ले जाए जाते थे. प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया कि जब तक उत्तरी इसराइल के लोग सुरक्षित नहीं हो जाते, हमले जारी रहेंगे. हालांकि, उन्होंने लेबनान के साथ निशस्त्रीकरण की बातचीत शुरू करने का भी ऐलान किया है.
अमेरिका और ईरान के युद्धविराम पर विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ था, लेकिन इस पर बड़ा विवाद चल रहा है. ईरान और पाकिस्तान का कहना है कि यह शांति समझौता लेबनान और हिजबुल्लाह पर भी लागू होता है. वहीं, अमेरिका और इसराइल का मानना है कि यह समझौता लेबनान के लिए नहीं है. फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों ने इसराइल की कार्रवाई की निंदा की है.




