भारत और जापान के बीच हुई बड़ी बातचीत, पश्चिम एशिया के तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर चर्चा, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जापानी समकक्ष से की बात
भारत और जापान ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बातचीत की है। भारत के विदेश मंत्री S Jaishankar और जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi के बीच शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को फोन पर चर्चा हुई। इस बातचीत में खासतौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार पर बात हुई।
बातचीत में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?
विदेश मंत्री S Jaishankar ने बताया कि इस बातचीत में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा को बहुत ज़रूरी बताया। साथ ही, ऊर्जा की सप्लाई को सुरक्षित रखने और संसाधनों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया ताकि भविष्य में ऊर्जा संकट न हो।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐलान पर क्या कहा?
बातचीत के दौरान भारत और जापान ने अमेरिका और ईरान द्वारा हाल ही में की गई एक घोषणा का स्वागत किया। दोनों देशों ने इसे एक सकारात्मक कदम माना। जापान के विदेश मंत्री Motegi ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ बेहतर तालमेल बनाने की बात कही, जिस पर जयशंकर ने सहमति जताई कि दिल्ली और टोक्यो इस दिशा में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
इस फोन कॉल की अन्य महत्वपूर्ण बातें
- यह पूरी बातचीत लगभग 20 मिनट तक चली।
- जापानी विदेश मंत्री Motegi ने पश्चिम एशिया के संघर्ष में जान गंवाने वाले भारतीयों के लिए संवेदना व्यक्त की।
- दोनों नेताओं ने तनाव कम करने और समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर बात की।





