US और Iran के बीच ceasefire का ऐलान, लेकिन Kuwait पर ड्रोन हमले से फिर बढ़ा तनाव
US और Iran के बीच युद्ध रोकने के लिए ceasefire का ऐलान हुआ है, जिसे कई देशों ने স্বাগত दिया है. लेकिन इस बीच Kuwait ने ईरान पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया है, जिससे माहौल फिर तनावपूर्ण हो गया है. इस समझौते से खाड़ी देशों में शांति की उम्मीद जगी थी, पर हालात अब भी नाजुक बने हुए हैं.
US-Iran ceasefire और आगे की योजना क्या है?
US और Iran के बीच बुधवार, 8 अप्रैल 2026 से ceasefire लागू हुआ है, जो दो हफ्ते तक चलेगा. इस कदम को शांति बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच एक स्थायी समझौते के लिए बातचीत शुरू होगी. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कीयन ने कहा कि यह फैसला उनकी जीत को मजबूत करने के लिए लिया गया है.
Kuwait पर हमले और Lebanon के हालात क्या हैं?
सीजफायर के बावजूद 9 अप्रैल की रात Kuwait के महत्वपूर्ण ठिकानों पर ड्रोन हमले हुए, जिसका आरोप कुवैत ने ईरान और उसके सहयोगियों पर लगाया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन हमलों से पूरी तरह इनकार किया है. दूसरी तरफ, Lebanon में हालात गंभीर बने हुए हैं, जहाँ 8 अप्रैल को इजरायली हमलों में 300 से ज्यादा लोग मारे गए. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि उनका लेबनान के साथ कोई सीजफायर नहीं है और Hezbollah पर हमले जारी रहेंगे.
किन देशों ने ceasefire का स्वागत किया?
इस ceasefire समझौते का दुनिया भर के कई बड़े देशों और संगठनों ने समर्थन किया है. स्वागत करने वाले प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
| देश/संगठन | स्थिति |
|---|---|
| AIDSMO | शांति की दिशा में अहम कदम बताया |
| सऊदी अरब | सीजफायर का स्वागत किया |
| UAE | राजनयिक प्रयासों का समर्थन किया |
| ओमान और मिस्र | समझौते का स्वागत किया |
| इराक | शांति प्रयासों का समर्थन किया |
| चीन | समझौते का स्वागत किया |
| UK और EU | इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया |





