Iran Drone Attack: ईरान ने हमलों से किया इनकार, सऊदी और कुवैत में मची तबाही, युद्धविराम के बीच बढ़ा तनाव
फारस की खाड़ी के देशों में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सऊदी अरब और कुवैत ने ईरान पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया है, जबकि ईरान की क्रांतिकारी गार्ड (IRGC) ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। यह पूरी घटना तब हुई जब क्षेत्र में दो हफ्ते का युद्धविराम (ceasefire) चल रहा था।
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सऊदी और कुवैत में क्या हुआ?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार शाम को हुए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की और इसके लिए ईरान और उसके साथियों को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब में भी हालात खराब रहे, जहाँ कई महत्वपूर्ण जगहों पर हमले हुए।
| प्रभावित क्षेत्र/सुविधाएं | विवरण |
|---|---|
| सऊदी अरब (रियाद, ईस्टर्न प्रोविंस, यनबू) | तेल और गैस उत्पादन, ट्रांसपोर्ट, रिफाइनिंग और पावर प्लांट को निशाना बनाया गया। |
| कुवैत | कई महत्वपूर्ण सरकारी और औद्योगिक सुविधाओं पर ड्रोन हमले हुए। |
ईरान के IRGC ने क्या जवाब दिया?
ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि युद्धविराम के दौरान उनकी सेना ने किसी भी देश की तरफ कोई मिसाइल या ड्रोन नहीं भेजा।
- IRGC का कहना है कि अगर वे हमला करते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर लेते हैं।
- ईरान ने आरोप लगाया कि यह हमला अमेरिका या इसराइल (Zionist enemy) ने किया होगा।
- उनका दावा है कि यह सब शांति को खत्म करने के लिए किया गया एक षड्यंत्र है।
अब आगे क्या होगा?
इन हमलों और आरोपों की वजह से इलाके में फिर से डर का माहौल बन गया है। इस घटना का असर अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत पर पड़ सकता है। युद्धविराम के बीच हुए इन हमलों ने शांति समझौते पर दबाव बढ़ा दिया है।





