Israel-Lebanon Talks: Trump के फोन के बाद बातचीत पर राजी हुआ इसराइल, लेकिन लेबनान में हमले अभी भी जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच एक तीखी फोन कॉल हुई है. इस बातचीत के तुरंत बाद इसराइल ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत करने की अपनी मंजूरी दे दी है. अगले हफ्ते वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग में इन चर्चाओं की शुरुआत होगी, ताकि क्षेत्र में तनाव को कम किया जा सके.
Trump और Netanyahu की बातचीत में क्या तय हुआ?
राष्ट्रपति Trump ने Benjamin Netanyahu से लेबनान में सैन्य हमलों को कम करने के लिए कहा था. Trump ने पुष्टि की कि Netanyahu हमलों को कम करने के लिए सहमत हुए हैं. इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य Hezbollah को निशस्त्र करना और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध बनाना है. अमेरिका इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
क्या लेबनान में युद्धविराम लागू हो गया है?
बातचीत की सहमति के बावजूद, इसराइल ने साफ कर दिया है कि लेबनान में अभी कोई युद्धविराम (ceasefire) नहीं हुआ है. Netanyahu ने कहा कि इसराइल Hezbollah के ठिकानों पर हमले जारी रखेगा. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 8 अप्रैल को बेयरूत और अन्य इलाकों में हुए हमलों में 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,150 से ज्यादा घायल हुए. लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun का मानना है कि केवल युद्धविराम ही एकमात्र समाधान है.
बातचीत के लिए कौन से प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे?
अगले हफ्ते होने वाली बैठक के लिए अमेरिका, इसराइल और लेबनान ने अपने मुख्य प्रतिनिधियों के नाम तय कर लिए हैं:
| देश/संस्था | प्रतिनिधि का नाम |
|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका | Michel Issa (अमेरिकी राजदूत) |
| इसराइल | Yechiel Leiter (अमेरिकी राजदूत) |
| लेबनान | Nada Hamadeh-Moawad (वॉशिंगटन राजदूत) |




