Iran US Talks: ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 2 बड़ी शर्तें, लेबनान में युद्ध रुकने और पैसा वापस मिलने पर ही शुरू होगी बातचीत
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू होने से पहले ही तनाव बढ़ गया है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कह दिया है कि जब तक दो बड़ी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बात नहीं होगी। यह मामला अब पूरी दुनिया की नजरों में है क्योंकि इसका असर मिडिल ईस्ट की शांति पर पड़ेगा।
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान के संसद अध्यक्ष ने बताया कि बातचीत शुरू करने के लिए दो मुख्य चीजों का होना जरूरी है। पहली शर्त यह है कि लेबनान में युद्ध पूरी तरह रुकना चाहिए और वहां युद्धविराम (ceasefire) लागू होना चाहिए। दूसरी शर्त यह है कि अमेरिका ने ईरान की जो संपत्ति (assets) फ्रीज कर रखी है, उसे वापस लौटाया जाए। ईरान का कहना है कि ये दोनों बातें पहले तय हुई थीं और अब इन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
इस्लामाबाद में होने वाली मीटिंग और मौजूदा हालात क्या हैं?
पाकिस्तान की मध्यस्थता में 11 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बड़ी बैठक होनी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं। हालांकि, लेबनान में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी हमले इस पूरी प्रक्रिया को मुश्किल बना रहे हैं। ईरान का कहना है कि अगर लेबनान में शांति नहीं हुई तो बातचीत करना बेमतलब है।
इस विवाद में कौन-कौन से देश और लोग शामिल हैं?
| देश/संस्था | मुख्य व्यक्ति/भूमिका | ताज़ा स्थिति |
|---|---|---|
| Iran | Mohammad Bagher Ghalibaf | बातचीत के लिए शर्तें रखी हैं |
| USA | JD Vance | बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं |
| Israel | Benjamin Netanyahu | लेबनान में हमले जारी रखे हैं |
| Pakistan | मध्यस्थ (Mediator) | इस्लामाबाद में बैठक आयोजित की है |
| Lebanon | युद्ध क्षेत्र | यहां युद्धविराम की मांग की गई है |




