Israel-Lebanon News: डोनाल्ड ट्रंप की मांग पर नेतन्याहू ने बदला हमला करने का तरीका, जल्द होगी सीधी बातचीत
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने Lebanon पर हमलों की नीति में बदलाव करने का फैसला किया है. यह बड़ा कदम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की एक खास मांग के बाद उठाया गया है. अमेरिका चाहता है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत सफल हो, इसलिए लेबनान में तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है.
ट्रंप की मांग और नेतन्याहू का फैसला क्या है?
Donald Trump ने Benjamin Netanyahu से सैन्य हमलों की रफ्तार को कम करने के लिए कहा था. यह अनुरोध इसलिए किया गया ताकि ईरान के साथ होने वाली बातचीत में कोई रुकावट न आए. इस मांग के बाद नेतन्याहू ने लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधी बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं. अमेरिका का विदेश मंत्रालय अगले हफ्ते वाशिंगटन में एक मीटिंग करने वाला है, जिसमें युद्धविराम की तैयारी पर चर्चा होगी.
क्या वाकई में युद्ध रुक गया है?
भले ही बातचीत की चर्चा हो रही है, लेकिन जमीन पर हालात अब भी गंभीर हैं. नेतन्याहू ने साफ किया है कि लेबनान में अभी कोई युद्धविराम नहीं हुआ है और Hezbollah पर हमले जारी रहेंगे. इज़राइली सेना ने 8 अप्रैल को अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था, जिसमें सिर्फ 10 मिनट के भीतर लेबनान के करीब 100 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था. लेबनान ने शर्त रखी है कि जब तक हमले नहीं रुकेंगे, वे किसी भी बातचीत में शामिल नहीं होंगे.
10 अप्रैल को हुए हमलों का पूरा ब्यौरा
हालिया दिनों में दोनों तरफ से बड़े हमले हुए हैं, जिसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| किसने हमला किया | कहाँ हमला हुआ | नतीजा/विवरण |
|---|---|---|
| इज़राइल | लेबनान (عين بعال, الطيري, جباع और अन्य) | 6 लोग एक कार वॉश सेंटर में मारे गए, कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले हुए |
| Hezbollah | इज़राइल (Kiryat Shmona, Avivim और Ashdod) | 16 हमले किए गए, ड्रोन और मिसाइलों से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया |
इज़राइली सेना ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर एम्बुलेंस या अस्पतालों का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया गया, तो उन्हें भी निशाना बनाया जाएगा.




