Lebanon Air Attack: दक्षिण लेबनान में इसराइल के हमलों में 28 लोग मारे गए, अमेरिका और ईरान के शांति समझौते पर बढ़ा खतरा
दक्षिण लेबनान में इसराइल के हवाई हमलों ने एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। 10 अप्रैल 2026 को हुए ताजा हमलों में कम से कम 28 लोगों की जान गई है, जिनमें नबातियेह के 13 सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। इस बढ़ती हिंसा के कारण अमेरिका और ईरान के बीच हुए नाजुक शांति समझौते पर अब संकट मंडराने लगा है।
हमलों में कितना नुकसान हुआ और हिजबुल्लाह का क्या जवाब रहा?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 8 अप्रैल को हुए बड़े हमलों में 300 से ज्यादा लोग मारे गए थे और उसके बाद 10 अप्रैल को फिर से हमले हुए। इन हमलों के जवाब में हिजबुल्लाह ने इसराइल के खिलाफ मोर्चा खोला। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उन्होंने खियाम के पास एक मर्कावा टैंक पर सुसाइड ड्रोन से हमला किया और अशदोद नौसेना बेस पर मिसाइलें दागीं।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते और विवाद की क्या वजह है?
पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान 7 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के शांति समझौते पर सहमत हुए थे। इस मामले में आगे बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance पाकिस्तान जा रहे हैं। विवाद इस बात पर है कि क्या यह समझौता लेबनान पर भी लागू होता है। पाकिस्तान और ईरान का कहना है कि लेबनान इसका हिस्सा है, जबकि अमेरिका और इसराइल ने इससे इनकार किया है।
आगे क्या होगा और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐलान किया है कि अगले हफ्ते वॉशिंगटन में लेबनान सरकार के साथ सीधी बातचीत होगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि सैन्य अभियान जारी रहेंगे। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है।
| संस्था/देश | मौजूदा स्थिति और बयान |
|---|---|
| इसराइल | लेबनान से सीधी बात करेंगे लेकिन सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी |
| ईरान | कहा कि लेबनान समझौते का हिस्सा है, हमले रुकने तक बात नहीं करेंगे |
| अमेरिका | ईरान के साथ शांति समझौता किया लेकिन इसमें लेबनान शामिल नहीं है |
| पाकिस्तान | समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई और इसराइल की निंदा की |
| संयुक्त राष्ट्र | हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और भयानक बताया |
| हिजबुल्लाह | सीधी बातचीत से इनकार किया और प्रतिरोध जारी रखने की बात कही |
| लेबनान सरकार | राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने हमलों की निंदा की और संप्रभुता की बात की |




