World Bank की बड़ी चेतावनी, मिडिल ईस्ट जंग से दुनिया भर में बढ़ेगी महंगाई, आर्थिक ग्रोथ होगी कम
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब पूरी दुनिया की जेब पर पड़ने वाला है. World Bank ने चेतावनी दी है कि इस लड़ाई की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है. इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ेगी और कई देशों की तरक्की की रफ़्तार धीमी हो जाएगी.
दुनिया की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर क्या असर होगा?
World Bank के प्रेसिडेंट Ajay Banga ने बताया कि मिडिल ईस्ट के साथ-साथ यूक्रेन युद्ध से भी आर्थिक दबाव बढ़ा है. उनका कहना है कि अगर हालात बिगड़े तो दुनिया की आर्थिक ग्रोथ में 1 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है. साथ ही, महंगाई में 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ सकता है.
Gulf देशों और अन्य क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अफ्रीका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान (MENAAP) क्षेत्र की ग्रोथ 2025 के 4.0% से गिरकर 2026 में 1.8% रह सकती है. इस संकट का सबसे बुरा असर GCC देशों और इराक पर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि वे इस विवाद से सीधे तौर पर प्रभावित हैं. हालांकि, अल्जीरिया के लिए हालात बेहतर हैं और वहां ग्रोथ बढ़कर 3.7% होने का अनुमान लगाया गया है.
| विवरण | अनुमानित असर |
|---|---|
| वैश्विक ग्रोथ | 1% तक की गिरावट संभव |
| महंगाई (Inflation) | 2% तक की बढ़ोतरी संभव |
| MENAAP ग्रोथ | 4.0% (2025) से घटकर 1.8% (2026) |
| अल्जीरिया ग्रोथ | बढ़कर 3.7% होगी |
| World Bank फंड | 20 से 70 बिलियन डॉलर की तैयारी |
मदद के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
World Bank प्रभावित देशों को आर्थिक सहारा देने के लिए 20 से 25 बिलियन डॉलर की रकम तैयार कर रहा है, जिसे छह महीने में बढ़ाकर 60 से 70 बिलियन डॉलर किया जा सकता है. वहीं IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर Kristalina Georgieva ने कहा कि इस संकट के गहरे निशान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ गए हैं, जिसकी वजह से हालात पुराने जैसा होने में समय लगेगा.




