US-Iran Talks: ईरान का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा इस्लामाबाद, ‘Minab 168’ विमान में बच्चों की फोटो लगाकर अमेरिका को याद दिलाई पुरानी गलती
US और ईरान के बीच बातचीत के लिए ईरान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है. इस बार की यात्रा बेहद भावुक रही क्योंकि ईरान के विमान का नाम ‘Minab 168’ रखा गया है. विमान की सीटों पर उन बच्चों की तस्वीरें और स्कूल बैग रखे गए जो Minab स्कूल हमले में मारे गए थे. यह कदम अमेरिका को उसकी पुरानी गलती याद दिलाने के लिए उठाया गया है.
Minab स्कूल हमला क्या था और विमान का नाम ‘Minab 168’ क्यों है?
28 फरवरी 2026 को ईरान के Hormozgan प्रांत के Minab में एक मिसाइल हमला हुआ था. इस हमले में Shajareh Tayyebeh लड़कियों के प्राइमरी स्कूल को निशाना बनाया गया था. इस घटना में 175 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें 100 से ज्यादा बच्चे थे. अमेरिकी जांच में यह बात सामने आई कि पुरानी खुफिया जानकारी की वजह से गलती से स्कूल पर हमला हुआ था. ईरान ने इस हादसे के पीड़ितों के सम्मान में अपने विमान का नाम ‘Minab 168’ रखा है.
बातचीत में कौन शामिल है और दोनों देशों की क्या शर्तें हैं?
ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व में करीब 70 सदस्यों का दल आया है. इसमें विदेश मंत्री Abbas Araghchi और बैंक गवर्नर Abdolnaser Hemmati जैसे बड़े नाम शामिल हैं. अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner बातचीत करेंगे. ईरान ने साफ किया है कि लेबनान में युद्धविराम और अपने ब्लॉक किए गए पैसों की वापसी के बाद ही औपचारिक बातचीत होगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति और पाकिस्तान का इस पर क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वह एक ऐसा समझौता चाहते हैं जिससे परमाणु हथियारों का खतरा खत्म हो. उन्होंने Strait of Hormuz को खुला रखने की चेतावनी भी दी है. उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है लेकिन ईरान को ‘खेल’ नहीं खेलना चाहिए. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इन बातचीत को युद्ध खत्म करने का एक निर्णायक मौका बताया है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विमान का नाम | Minab 168 |
| ईरानी नेतृत्व | Mohammad Bagher Ghalibaf |
| अमेरिकी नेतृत्व | JD Vance |
| घटना की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| पहुंचने की तारीख | 11 अप्रैल 2026 |
| मृतकों की संख्या | 175 से ज्यादा (100+ बच्चे) |
| मेजबान देश | पाकिस्तान |




