US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में जुटेंगे अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि, लेबनान युद्ध और बंद रास्तों ने बढ़ाई टेंशन
अमेरिका और ईरान के बीच शांति बहाली के लिए शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने वाली है। दोनों देशों ने बातचीत के लिए दो हफ्ते का युद्धविराम भी किया था, जो 8 अप्रैल से लागू हुआ। हालांकि, इस बैठक को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि लेबनान में जारी हमलों और व्यापारिक रास्तों को लेकर दोनों देशों के बीच भारी मतभेद हैं।
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अमेरिका और ईरान की टीम में कौन-कौन शामिल है?
अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं, ईरान की ओर से संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद पहुंचे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा है कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को हर हाल में खुला रखना होगा।
बातचीत शुरू होने से पहले क्या हैं शर्तें और विवाद?
ईरान ने इस बातचीत के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि लेबनान में युद्धविराम हो और उसके ब्लॉक किए गए पैसे वापस मिलें। दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस का कहना है कि युद्धविराम का मतलब यह नहीं था कि इजरायल लेबनान में हमले बंद कर देगा। ईरान ने अमेरिका पर अविश्वास जताया है और कहा है कि पुराने वादे टूटने की वजह से भरोसा करना मुश्किल है।
शांति वार्ता से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बातचीत की तारीख | 11 अप्रैल 2026 |
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |
| अमेरिकी मुख्य उद्देश्य | परमाणु हथियार रोकना और होर्मुज रास्ता खोलना |
| ईरान की मुख्य मांग | लेबनान में शांति और अपनी संपत्ति की वापसी |
| होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति | शिपिंग के लिए बंद, ईरान टोल टैक्स की बात कर रहा है |
| इजरायल का रुख | लेबनान में हमले जारी रखे, लेकिन वाशिंगटन में बातचीत को मंजूरी दी |




