US-Iran Talks: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बड़ी बैठक शुरू, परमाणु कार्यक्रम और शांति पर होगी चर्चा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी बातचीत शुरू हुई है। यह मुलाकात एक नाजुक युद्धविराम के बीच हो रही है ताकि इलाके में शांति लाई जा सके। दोनों देशों के बड़े नेता इस समय वहां मौजूद हैं और तनाव को घटाने के रास्ते खोज रहे हैं।
अमेरिका और ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे और यूरेनियम का संवर्धन रोकना होगा। इसके साथ ही अमेरिका ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का आना-जाना बिना किसी रोक-टोक के चलता रहे।
दूसरी तरफ, ईरान की मांग है कि लेबनान में इजरायली सैन्य अभियान रुकना चाहिए और लेबनान में युद्धविराम होना चाहिए। इसके अलावा ईरान चाहता है कि कतर और अन्य विदेशी बैंकों में उसके जमा किए गए पैसे (frozen assets) वापस दिए जाएं।
बातचीत में कौन शामिल हैं और क्या है लक्ष्य?
अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर आए हैं। ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूद हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं।
इस बैठक का मुख्य लक्ष्य फिलहाल कोई बहुत बड़ा समझौता करना नहीं है। दोनों देशों की कोशिश यह है कि इतनी सहमति बन जाए जिससे भविष्य में बातचीत जारी रखी जा सके। सुरक्षा के लिहाज से इस्लामाबाद में काफी इंतजाम किए गए हैं और सार्वजनिक छुट्टियां भी घोषित की गई हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| मुख्य तारीख | 11 अप्रैल 2026 |
| युद्धविराम की अवधि | 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी नेतृत्व | उपराष्ट्रपति JD Vance |
| ईरानी नेतृत्व | मोहम्मद बाकर कालिबाफ और अब्बास अराघची |
| सुविधा प्रदाता | पाकिस्तान सरकार |




