Iran Ceasefire Update: ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए माना युद्धविराम, विदेश मंत्री बोले यह एक ज़िम्मेदार कदम, अमेरिका के साथ बातचीत शुरू
ईरान ने युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए युद्धविराम के फैसले को स्वीकार किया है। विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने इसे एक बहुत ही ज़िम्मेदार कदम बताया है। उनका कहना है कि इस फैसले का मकसद नुकसान की भरपाई करना और हमला करने वालों को जवाबदेह ठहराना है। इस समय दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मुलाकात कर रहे हैं।
ईरान की बातचीत के लिए क्या शर्तें हैं?
ईरान ने इस समझौते के लिए कुछ बड़ी शर्तें रखी हैं। संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ किया है कि जब तक लेबनान में युद्धविराम नहीं होगा, बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। इसके साथ ही ईरान चाहता है कि उसके विदेशों में फंसे हुए पैसे वापस मिलें। विदेश मंत्री Araghchi ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को अपने वादों पर टिके रहना होगा और लेबनान के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं करना होगा।
इस्लामाबाद वार्ता में कौन शामिल है?
पाकिस्तान में शांति वार्ता के लिए दोनों देशों के बड़े नेता पहुंचे हैं। इस बैठक में शामिल मुख्य लोग नीचे दिए गए हैं:
- ईरान की तरफ से: विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf।
- अमेरिका की तरफ से: उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर।
- मध्यस्थ: पाकिस्तान के प्रतिनिधि इस बातचीत में मदद कर रहे हैं।
क्षेत्र में तनाव और ताज़ा घटनाएँ
शांति वार्ता के बीच क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है। लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइल ने हमले किए हैं जिनमें कम से कम तीन लोगों की जान गई है। दूसरी तरफ, कुवैत की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान के 7 ड्रोन पकड़े और उन्हें मार गिराया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर आरोप लगाया है और चेतावनी जारी की है।




