UAE नेताओं की बड़ी बैठक, संकट के बाद एकता का संदेश, ईरान हमलों पर हुई चर्चा
यूएई के बड़े नेताओं ने अबू धाबी में एक अहम बैठक की है। इस मुलाकात में संकट के बाद देश की एकता और मजबूती पर बात हुई। नेताओं ने कहा कि ईरान के हमलों के बावजूद यूएई ने हिम्मत नहीं हारी और अब देश को और आगे ले जाने का समय है। इस बैठक में देश की सुरक्षा और लोगों के भरोसे को सबसे ऊपर रखा गया।
नेताओं ने बैठक में क्या कहा?
राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इस बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यूएई ने बड़ी ताकत और संकल्प के साथ इस संकट का सामना किया। नेताओं ने सशस्त्र बलों और सुरक्षा सेवाओं की तारीफ की जिन्होंने क्षेत्रीय अखंडता और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। शेख मोहम्मद बिन राशिद ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी ने देश के लोगों को पहले से ज्यादा एकजुट और वफादार बना दिया है।
ईरान हमले और बचाव का पूरा ब्यौरा
ईरान ने 28 फरवरी 2026 से यूएई पर हमले शुरू किए थे। यूएई के डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोक दिया। हमले के कारण हुए नुकसान की जानकारी नीचे दी गई तालिका में है।
| विवरण | संख्या/संख्या |
|---|---|
| रोकी गई बैलिस्टिक मिसाइलें | 537 |
| रोकी गई क्रूज मिसाइलें | 26 |
| रोके गए ड्रोन | 2,256 |
| यूएई सशस्त्र बल कर्मियों की मौत | 2 |
| मोरक्को नागरिक ठेकेदार की मौत | 1 |
| नागरिकों की मौत | 10 |
| घायल लोग | 220 से ज्यादा |
युद्धविराम और भारतीय विदेश मंत्री का दौरा
पाकिस्तान की मध्यस्थता से बुधवार को दो हफ्ते का सशर्त युद्धविराम लागू हुआ है। साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में वार्ता शुरू होने की उम्मीद है। इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 11 अप्रैल को यूएई पहुंचे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान युद्ध के कारण पैदा हुई चुनौतियों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, जिससे यहां रहने वाले भारतीयों और व्यापार पर असर न पड़े।




