Kuwait Drone Attack: कुवैत के अहम ठिकानों पर ड्रोन हमला, इस्लामाबाद में US-ईरान शांति वार्ता शुरू, पाकिस्तान बना मध्यस्थ

Sushma Kumari11 April 20262 min read8 viewsKuwait

कुवैत के कुछ जरूरी ठिकानों पर 9 अप्रैल को ड्रोन हमले हुए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए बातचीत की तैयारी चल रही थी। पाकिस्तान ने इन दोनों देशों के बीच युद्ध विराम कराने में बड़ी भूमिका निभाई है और अब इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू हो गई है। पाकिस्तानी विशेषज्ञों ने कुवैत पर हुए इस हमले पर दुख जताया है और उम्मीद की है कि बातचीत से स्थायी शांति आएगी।

कुवैत में क्या हुआ और ईरान का क्या कहना है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 9 अप्रैल 2026 को उनके कुछ अहम सरकारी ठिकानों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। कुवैत ने इस हमले के लिए ईरान और उसके करीबियों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि उन्होंने किसी भी गल्फ देश पर हमला नहीं किया और इसके पीछे अमेरिका या इसराइल का हाथ हो सकता है।

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पाकिस्तान की भूमिका और इस्लामाबाद समझौता क्या है?

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बिचौलिए का काम किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की कोशिशों से 7 और 8 अप्रैल के आसपास दोनों देशों के बीच युद्ध विराम हुआ था। अब 11 अप्रैल से इस्लामाबाद में ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ के तहत औपचारिक बातचीत शुरू हुई है। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों ने शांति कराने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की है।

महत्वपूर्ण जानकारी और तारीखें

घटना/विवरण तारीख/नाम
कुवैत पर ड्रोन हमला 9 अप्रैल 2026
युद्ध विराम की घोषणा 7-8 अप्रैल 2026
इस्लामाबाद शांति वार्ता 11 अप्रैल 2026
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
अमेरिकी प्रतिनिधि JD Vance
कुवैत विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह
ईरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची
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