Qatar ने UN को भेजा 14वां पत्र, ईरान के हमलों को बताया गैरकानूनी, आम नागरिकों को निशाना बनाने का लगाया आरोप
Qatar ने ईरान द्वारा किए गए हमलों के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठाई है. देश ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और सुरक्षा परिषद को एक जरूरी पत्र भेजा है. इस पत्र में कहा गया है कि ईरान ने जानबूझकर उन जगहों को निशाना बनाया जहां आम लोग रहते हैं. यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी गंभीर हो गया है.
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Qatar ने UN को पत्र में क्या कहा?
Qatar ने अपनी स्थायी प्रतिनिधि Sheikha Al-Yaarah Ahmed bin Saif Al Thani के जरिए यह संदेश भेजा है. पत्र में साफ कहा गया कि ईरान के हमले 1949 के जेनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं. Qatar ने मांग की है कि सुरक्षा परिषद अपनी जिम्मेदारी निभाए और इन हमलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए. साथ ही, ईरान से हुए सभी नुकसान की भरपाई (compensation) करने की मांग भी की गई है.
पिछले कुछ दिनों में क्या-क्या हुआ?
पिछले कुछ दिनों में Qatar पर कई बार हमले हुए हैं. 8 अप्रैल 2026 को ईरान ने 7 बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन दागे, जिन्हें Qatar की सेना ने हवा में ही नाकाम कर दिया. इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में भी कई हमले हुए थे, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है.
| तारीख | हमले का प्रकार | नतीजा |
|---|---|---|
| 2, 3, 5, 6 अप्रैल | ड्रोन और क्रूज मिसाइल | सुरक्षा बलों ने इंटरसेप्ट किया |
| 7 अप्रैल | मिसाइल हमला | एक बच्ची समेत 4 लोग घायल, घर को नुकसान |
| 8 अप्रैल | 7 बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन | सभी हमलों को नाकाम किया गया |
अब आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
Qatar ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत Qatar ने आत्मरक्षा (self-defense) का अपना हक सुरक्षित रखा है. सरकार ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता और वहां रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कार्रवाई करेगी. यह पूरा विवाद सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2817 के खिलाफ माना जा रहा है, जिसमें ईरान के हमलों की निंदा की गई थी.




