US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शुरू हुई शांति वार्ता, पाकिस्तान की मध्यस्थता से सुलझेगा विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब कम हो सकता है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस बातचीत में अहम भूमिका निभाई है ताकि दोनों देशों के बीच मामला सुलझ सके. यह बातचीत 7 अप्रैल को हुए युद्धविराम के बाद शुरू हुई है.
बातचीत में कौन-कौन शामिल है?
इस हाई-लेवल मीटिंग में कई बड़े नेता शामिल हुए हैं. पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif, विदेश मंत्री Ishaq Dar, आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir और आंतरिक मंत्री Senator Syed Mohsin Raza Naqvi मौजूद रहे. अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति J.D. Vance, स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और Jared Kushner आए हैं. वहीं ईरान का नेतृत्व संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf कर रहे हैं.
ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?
ईरान ने अपनी कुछ शर्तें रखी हैं जिन्हें पूरा करना वह ज़रूरी मानता है. ईरान की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- अमेरिकी-इजरायली हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा मिले.
- ईरान की जमा की गई संपत्ति को वापस लौटाया जाए.
- Strait of Hormuz को फिर से खोलने का सिस्टम बने.
- क्षेत्र में एक स्थायी और ठोस युद्धविराम लागू हो.
अमेरिका का क्या कहना है और बातचीत का तरीका क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ़ किया है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए और Strait of Hormuz का रास्ता खुला रहना चाहिए. फिलहाल दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है. इसके बजाय पाकिस्तानी अधिकारी दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुँचा रहे हैं, जिसे ‘proximity talks’ कहा जाता है. विदेश मंत्री Ishaq Dar ने उम्मीद जताई है कि दोनों पक्ष सकारात्मक तरीके से काम करेंगे.




