Iran से लौटे भारतीय मछुआरे, चेन्नई एयरपोर्ट पर Piyush Goyal ने किया स्वागत, अब तक 600 से ज्यादा लोग घर पहुंचे
ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों के लिए राहत की खबर आई है. दूसरे जत्थे के 312 मछुआरे सुरक्षित चेन्नई एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं. केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने खुद एयरपोर्ट पर जाकर उनका स्वागत किया और उन्हें घर वापसी की बधाई दी. प्रधानमंत्री Narendra Modi के निर्देश पर विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावासों ने मिलकर इस पूरी योजना को सफल बनाया.
मछुआरे ईरान से भारत कैसे पहुंचे?
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से ये मछुआरे ईरान में फंस गए थे. उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक खास रास्ता चुना. इन मछुआरों को पहले ईरान से Armenia ले जाया गया और वहां से उन्हें भारत लाया गया. Armenia तक पहुंचने में मछुआरों को करीब 20 घंटे का मुश्किल सफर तय करना पड़ा.
वापसी का पूरा ब्योरा क्या है?
भारत सरकार ने दो चरणों में मछुआरों को सुरक्षित वापस लाया है. इनमें ज्यादातर लोग तमिलनाडु से हैं, लेकिन गुजरात, केरल और पुडुचेरी के मछुआरे भी शामिल हैं. अब तक कुल 600 से ज्यादा लोग अपने परिवार से मिल चुके हैं.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पहला जत्था (4 अप्रैल 2026) | 345 मछुआरे |
| दूसरा जत्था (11 अप्रैल 2026) | 312 मछुआरे |
| कुल सुरक्षित वापसी | 657 मछुआरे |
| मुख्य रूट | ईरान से आर्मीनिया फिर भारत |
| मुख्य मदद | MEA और आर्मीनिया सरकार |
| शामिल राज्य | तमिलनाडु, गुजरात, केरल, पुडुचेरी |
सरकार और अधिकारियों ने क्या कहा?
मंत्री Piyush Goyal ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का हमेशा यह ध्यान रहता है कि संकट में फंसे भारतीयों को जल्द से जल्द मदद मिले. उन्होंने MEA अधिकारियों की तारीफ की जिन्होंने दिन-रात काम करके इस वापसी को मुमकिन बनाया. विदेश मंत्री S. Jaishankar ने आर्मीनिया सरकार और वहां के मंत्री Ararat Mirzoyan का शुक्रिया अदा किया क्योंकि उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में भारत का साथ दिया.




