ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ी तनातनी, Strait of Hormuz में जहाजों के आने पर मचा बवाल, शांति वार्ता रही नाकाम
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। Strait of Hormuz के रास्ते को लेकर दोनों देशों में जमकर बहस हो रही है। जहाँ अमेरिका ने अपने युद्धपोत भेजने का दावा किया है, वहीं ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। इस टकराव का सीधा असर दुनिया भर के व्यापार और तेल की सप्लाई पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
अमेरिका के CENTCOM ने दावा किया कि उनके दो युद्धपोत, USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy, Strait of Hormuz से गुजरे हैं। अमेरिका का कहना है कि ये जहाज वहां बिछी समुद्री बारूद (mines) को साफ करने के लिए भेजे गए थे ताकि रास्ता सुरक्षित रहे। हालांकि, ईरान ने इन दावों को गलत बताया है और चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य जहाज के आने पर वह कड़ा जवाब देगा।
इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता का क्या नतीजा निकला?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन यह नाकाम रही। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में हुई इस मीटिंग में परमाणु हथियारों जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। इसके साथ ही ईरान ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की मांग की है, जिसे International Maritime Organization (IMO) ने गैरकानूनी और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है।
अब आगे क्या होने की संभावना है?
शांति वार्ता फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समुद्री रास्ते की नाकेबंदी (blockade) करने के बारे में विचार किया है। ईरान के IRGC ने साफ कर दिया है कि वह इस रास्ते पर पूरा नियंत्रण रखता है और केवल नागरिक जहाजों को ही अनुमति मिलेगी। इस तनाव के कारण फिलहाल जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है, जिससे वैश्विक बाजार में हलचल मची हुई है।




