ईरान में अमेरिकी-इजराइली हमलों से 2,115 बच्चे घायल, इस्लामाबाद में शांति वार्ता रही नाकाम
अमेरिका और इजराइल के हमलों ने ईरान में भारी तबाही मचाई है। ईरान के इमरजेंसी विभाग के प्रमुख Jafar Miadfar ने बताया कि अब तक 18 साल से कम उम्र के 2,115 बच्चे घायल हुए हैं। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है।
शांति वार्ता क्यों रही नाकाम?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने बताया कि इस्लामाबाद में 21 घंटे चली बातचीत के बाद भी कोई समझौता नहीं हो पाया। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने उनकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका अपनी नाजायज मांगें कम करे तभी बातचीत सफल हो सकती है।
हमलों से कितना नुकसान हुआ?
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य समाचार एजेंसी IRNA ने नुकसान का ब्यौरा दिया है:
- स्वास्थ्य केंद्र: 28 फरवरी से अब तक 316 अस्पताल और इमरजेंसी सेंटर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- ऐतिहासिक स्थल: 20 प्रांतों में करीब 140 ऐतिहासिक जगहों को नुकसान पहुँचा है।
- आर्थिक नुकसान: ऐतिहासिक स्थलों के नुकसान की कीमत करीब 7.5 ट्रिलियन तोमान यानी 49 मिलियन डॉलर है।
बच्चों और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?
Jafar Miadfar के अनुसार, अब तक 2,115 से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं। इससे पहले मार्च में रिपोर्ट आई थी कि हमलों में 208 बच्चों की जान गई थी। इनमें से 168 बच्चों की मौत Minab शहर के एक गर्ल्स स्कूल पर हुई अमेरिकी मिसाइल स्ट्राइक में हुई थी। ईरान की Supreme National Security Council ने चेतावनी दी है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और वे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं।




