Iran Crackdown: ईरान ने 50 लोगों को किया गिरफ्तार, विदेशी ताकतों के लिए जासूसी करने का आरोप
ईरान की सरकार ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कम से कम 50 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर देश के खिलाफ काम करने और विदेशी ताकतों के लिए जासूसी करने का आरोप है. सरकारी समाचार एजेंसी SNN ने बताया कि ये लोग बाहरी देशों के इशारे पर ‘किराए के एजेंट’ के तौर पर काम कर रहे थे.
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इन लोगों पर क्या आरोप लगे हैं?
गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि वे अमेरिका और इसराइल जैसे देशों के लिए काम कर रहे थे. उन्होंने ईरान के संवेदनशील सैन्य ठिकानों, चेकपॉइंट्स और आर्थिक केंद्रों की जानकारी विदेशी ताकतों को भेजी. इसके अलावा, इन पर Iran International और Manoto जैसे विदेशी मीडिया संस्थानों को गुप्त खबरें भेजने का भी आरोप है. अधिकारियों का कहना है कि ये लोग मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा थे और हमले के लिए जगह चुन रहे थे.
पिछले कुछ दिनों में हुई गिरफ्तारियों की लिस्ट
ईरान में मार्च और अप्रैल के महीने में जासूसी और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया है. इस दौरान अलग-अलग तारीखों पर सैकड़ों लोगों को पकड़ा गया है.
| तारीख | गिरफ्तार लोग | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| 12 अप्रैल | 50+ लोग | विदेशी एजेंट के तौर पर काम करना |
| 9 अप्रैल | 9 लोग | विदेशी मीडिया को गुप्त वीडियो भेजना |
| 1 अप्रैल | 54 लोग | संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करना |
| 28 मार्च | 129 लोग | देशव्यापी जासूसी नेटवर्क का हिस्सा |
| 27 मार्च | 103 लोग | अमेरिकी और इसराइली एजेंट |
| 25 मार्च | 89 लोग | माज़ंदरान और तेहरान में गिरफ्तारी |
इन गिरफ्तारियों के दौरान सुरक्षा बलों ने काफी सामान जब्त किया है. बरामद की गई चीजों में Starlink सैटेलाइट इंटरनेट डिवाइस, अवैध हथियार, घर के बने बम और संचार उपकरण शामिल हैं. ईरान सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसे काम करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी.




