अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई हाई-लेवल बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance लगभग 21 घंटे की लंबी चर्चा के बाद इस्लामाबाद से रवाना हो गए। दोनों देशों के बीच 7 अप्रैल से युद्धविराम लागू था, लेकिन परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।

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बातचीत क्यों रही नाकाम?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियार प्रोग्राम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। अमेरिका ने इसे अपनी आखिरी और सबसे अच्छी पेशकश बताया था। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी मांगों को अनुचित बताया और कहा कि Strait of Hormuz जैसे कुछ अहम मुद्दों पर दोनों देशों की राय अलग थी।

पाकिस्तान की भूमिका और मुख्य विवरण

पाकिस्तान ने इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पाकिस्तानी विदेश मंत्री Ishaq Dar ने दोनों देशों से युद्धविराम बनाए रखने की अपील की है। इस बैठक की खास बातें नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:

विवरण जानकारी
बातचीत का समय लगभग 21 घंटे
युद्धविराम की तारीख 7 अप्रैल 2026
JD Vance का प्रस्थान 12 अप्रैल, सुबह 7:08 बजे
मुख्य विवाद परमाणु हथियार प्रोग्राम
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
अमेरिकी प्रतिनिधि JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरानी प्रतिनिधि Mohammad Bagher Qalibaf, Abbas Araghchi
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.