Iran-US News: इस्लामाबाद में फेल हुई अमेरिका और ईरान की बड़ी डील, परमाणु हथियारों पर नहीं बनी बात
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बड़ी बैठक बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास था, जिसकी वजह से 21 घंटे की लंबी बातचीत के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकला। अब अमेरिका ने Strait of Hormuz में नौसैनिक नाकेबंदी करने के संकेत दिए हैं, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।
बातचीत क्यों रही नाकाम और क्या था विवाद?
ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि अमेरिका ईरानी प्रतिनिधिमंडल का भरोसा जीतने में फेल रहा। वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियारों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ। अमेरिका चाहता था कि तेहरान एक ठोस वादा करे कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। अमेरिका ने अपनी तरफ से एक आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर दिया था, लेकिन बात नहीं बनी।
Strait of Hormuz और अन्य मुख्य मुद्दे क्या हैं?
इस बातचीत में दो सबसे बड़े मुद्दे ईरान का परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz पर नियंत्रण थे। अमेरिका इस समुद्री रास्ते से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही चाहता है, जबकि ईरान अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है। राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social पर एक लेख साझा किया, जिससे संकेत मिले कि अमेरिका यहाँ नौसैनिक नाकेबंदी कर सकता है। खबर है कि अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में माइन-स्वीपिंग जहाज भी तैनात किए हैं।
ईरान की शर्तें और मौजूदा स्थिति क्या है?
ईरान ने बातचीत के लिए लेबनान में युद्धविराम और अपनी जमी हुई संपत्तियों को वापस लेने की शर्त रखी थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अमेरिका को अपनी अनुचित मांगों को छोड़ना होगा और ईरान के अधिकारों का सम्मान करना होगा। फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म होगा।




