Netanyahu ने किया दक्षिण लेबनान का दौरा, बनाया बफर ज़ोन, UN ने लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिण लेबनान का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने अपनी सेना के साथ वहां की स्थिति का जायजा लिया और एक बड़ा ऐलान किया। नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल ने सीमा पर एक सुरक्षा क्षेत्र यानी बफर ज़ोन बना लिया है ताकि लेबनान की तरफ से होने वाले रॉकेट हमलों को रोका जा सके।
बफर ज़ोन और नेतन्याहू का दावा क्या है?
नेतन्याहू ने बताया कि इसराइल ने लेबनान के अंदर 8 से 10 किलोमीटर तक का बफर ज़ोन तैयार किया है। उन्होंने दावा किया कि इसराइल ने मिडिल ईस्ट का नक्शा और उसकी सूरत बदल दी है। उनके मुताबिक, अब ईरान और उसके साथी देश अपनी जान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसराइल का कहना है कि यह सुरक्षा क्षेत्र सीमा पार से आने वाली मिसाइलों और टैंक विरोधी हमलों को रोकने के लिए जरूरी था।
UN और लेबनान सरकार ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना UNIFIL ने इसराइली सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। UNIFIL का कहना है कि इसराइली टैंकों ने उनके वाहनों को रोका और उन्हें रास्ता नहीं दिया। UN ने इसे सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का उल्लंघन बताया है। वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसराइल के हवाई हमलों को ‘कत्लेआम’ कहा है। लेबनान सरकार ने अपने नागरिकों की मदद के लिए मानवीय सहायता का नया सिस्टम भी शुरू किया है।
क्या युद्ध रुकेगा और बातचीत कब होगी?
आने वाले हफ्ते में वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल के प्रतिनिधियों के बीच सीधी बातचीत होनी है। राष्ट्रपति औन का मानना है कि युद्ध रोकने के लिए यह बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। हालांकि, हिज़्बुल्लाह ने इस बात का विरोध किया है और कहा है कि वे तब तक लड़ेंगे जब तक दुश्मन उनकी ज़मीन नहीं छोड़ता। दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई।




