Paddy Incentive विवाद: Nirmala Sitharaman ने MK Stalin के दावों को बताया baseless, कहा- किसानों को गुमराह किया जा रहा है
केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच धान की खेती पर प्रोत्साहन राशि को लेकर विवाद गहरा गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने मुख्यमंत्री MK Stalin के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार को धान के इंसेंटिव रोकने के लिए कोई निर्देश नहीं दिए थे।
MK Stalin ने क्या आरोप लगाए थे?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK Stalin ने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने उन्हें धान की खेती के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बंद करने को कहा है। उन्होंने इस कदम को किसानों के साथ विश्वासघात और धोखा बताया था। Stalin ने यह बात 10 और 11 अप्रैल 2026 को कही थी और वादा किया कि उनकी सरकार धान की खरीद की कीमतों को जारी रखेगी और उन्हें बढ़ाएगी भी।
Nirmala Sitharaman का जवाब क्या है?
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने इन आरोपों को तथ्यहीन और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि मुख्यमंत्री किसानों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। Sitharaman के मुताबिक, केंद्र सरकार ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया जिससे धान के प्रोत्साहन पर रोक लगे और यह केवल राजनीतिक फायदे के लिए किया गया दावा है।
सरकारी एडवाइजरी और नियमों की असलियत क्या है?
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 9 जनवरी 2026 को एक पत्र भेजा था, जिसे केवल एक एडवाइजरी माना गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को दालें, तिलहन और मोटे अनाज उगाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
- एडवाइजरी का मकसद फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना था।
- MSP से ऊपर बोनस देना पूरी तरह राज्य सरकार का अपना फैसला होता है।
- केंद्र चाहता है कि केवल धान और गेहूं पर निर्भरता कम हो ताकि पर्यावरण पर दबाव कम हो।
- दालों और तिलहनों की खेती बढ़ने से विदेशों से होने वाला आयात कम होगा।




