US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में बातचीत रही नाकाम, डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz पर नावल ब्लॉकेड का किया ऐलान
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बड़ी बातचीत हुई लेकिन यह नाकाम रही. इस वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अब Strait of Hormuz की समुद्री घेराबंदी यानी नावल ब्लॉकेड करने का फैसला किया है. वहीं रक्षा विशेषज्ञ Mushahid Hussain Syed का कहना है कि सैन्य ताकत के दम पर इस मसले को नहीं सुलझाया जा सकता.
इस्लामाबाद शांति वार्ता में क्या हुआ?
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने के लिए काफी कोशिशें की थीं. पूर्व सीनेटर Mushahid Hussain Syed ने इसे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद की सबसे बड़ी शांति वार्ता बताया. हालांकि, यह लंबी बातचीत Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने और युद्ध को खत्म करने का कोई ठोस समझौता नहीं कर पाई.
क्या सैन्य ताकत से ईरान झुकेगा?
रक्षा विशेषज्ञ Mushahid Hussain Syed ने साफ कहा कि सैन्य बल के इस्तेमाल से इस युद्ध को खत्म नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि ईरानियों को लगता है कि उनका पलड़ा भारी है. उनके मुताबिक अमेरिका की धमकियों और शोर-शराबे वाली रणनीति से तेहरान अपनी बात से पीछे नहीं हटेगा.
क्या अब बातचीत की कोई गुंजाइश बची है?
भले ही पूरा समझौता नहीं हो पाया, लेकिन Mushahid Hussain Syed का मानना है कि बातचीत के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अभी भी डील करने के इच्छुक हैं. हालांकि फिलहाल स्थिति एक ठहराव पर है, लेकिन राजनयिक चैनल अभी भी खुले हुए हैं.




