UK और France का बड़ा फैसला, मिडिल ईस्ट में युद्ध रोकने के लिए लेबनान को शामिल करने की मांग
UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं ने साफ कहा है कि मिडिल ईस्ट में अगर युद्ध विराम (ceasefire) होता है, तो उसमें लेबनान को भी शामिल करना होगा। यह कदम पूरे इलाके में शांति और स्थिरता लाने के लिए जरूरी माना जा रहा है।
UK और फ्रांस ने लेबनान को ceasefire में शामिल करने की बात क्यों की?
प्रधानमंत्री Keir Starmer और राष्ट्रपति Emmanuel Macron का मानना है कि बिना लेबनान के मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति नहीं आ सकती। 10 Downing Street से जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि किसी भी शांति समझौते में लेबनान का नाम होना जरूरी है। इससे क्षेत्र में हिंसा कम होगी और स्थिरता आएगी।
मिडिल ईस्ट में फिलहाल क्या स्थिति चल रही है?
इलाके के हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता अब टूट गई है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी करने की धमकी दी है। लेबनान में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है जिससे आम लोग परेशान हैं।
पिछले कुछ दिनों के बड़े घटनाक्रम
- 9 अप्रैल 2026: लेबनान में हुए हमलों में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई, जो अब तक का सबसे घातक दिन था।
- 10 अप्रैल 2026: जर्मनी, फ्रांस और UK ने मिलकर शांति की अपील की और कहा कि शांति समझौता लेबनान तक फैलना चाहिए।
- 12 अप्रैल 2026: Starmer और Macron ने फोन कॉल पर लेबनान को ceasefire में जोड़ने की मांग को दोहराया।




