US और ईरान में बढ़ी तनातनी, Strait of Hormuz की घेराबंदी करेगा अमेरिका, ईरान ने दी भयानक चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की नाकाबंदी करने का आदेश दिया है। इस पर ईरान की IRGC ने इसे दुश्मनों के लिए एक ‘खतरनाक भंवर’ बताया है, जिससे आने वाले समय में वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
शांति वार्ता क्यों हुई फेल और ट्रंप ने क्या धमकी दी?
12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक आमने-सामने बातचीत हुई, लेकिन यह विफल रही। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान अपने परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को खत्म करने के लिए राजी नहीं हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत अमेरिकी नौसेना को Strait of Hormuz की घेराबंदी करने का निर्देश दिया। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान परमाणु प्रोग्राम बंद नहीं करता, तो वह ईरान के पावर प्लांट, पुलों और पानी के ट्रीटमेंट प्लांट पर बमबारी करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच अब तक की मुख्य घटनाएं
इस पूरे विवाद के दौरान दोनों देशों ने कई बड़े कदम उठाए हैं, जिसकी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:
| तारीख | हुई कार्रवाई |
|---|---|
| 11 अप्रैल 2026 | CENTCOM ने समुद्र से बारूद (mines) हटाना शुरू किया, USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy वहां पहुंचे। |
| 12 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल हुई, ट्रंप ने नाकाबंदी और बमबारी की धमकी दी। |
| 13 अप्रैल 2026 | CENTCOM ने सुबह 10:00 AM ET से सभी ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी लागू करने का ऐलान किया। |
ईरान ने अमेरिका को क्या जवाब दिया?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ कहा है कि Strait of Hormuz पर उनका पूरा नियंत्रण है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी सैन्य जहाज ने घेराबंदी की कोशिश की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा। वहीं, Press TV के माध्यम से ईरान ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका नाकाबंदी करता है, तो ईरान हुथियों की मदद से Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य पर कब्जा कर लेगा। हालांकि, नागरिक जहाजों को कुछ नियमों के तहत आने-जाने की अनुमति रहेगी।




