Iran-USA News: इस्लामाबाद बातचीत फेल, ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी का किया ऐलान
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए इस्लामाबाद में हुई बातचीत नाकाम रही है। ईरान का दावा है कि वे समझौते के बहुत करीब थे, लेकिन अमेरिका ने शर्तें नहीं मानीं। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी का आदेश दे दिया है, जिससे पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है और तेल की कीमतों में उछाल आया है।
इस्लामाबाद बातचीत क्यों रही नाकाम?
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने बताया कि तेहरान और वॉशिंगटन एक समझौते के बहुत करीब थे, लेकिन अमेरिका की जिद और बदलती शर्तों की वजह से यह बात नहीं बन पाई। वहीं, अमेरिकी दल का नेतृत्व कर रहे Vice President J.D. Vance ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के आखिरी और सबसे अच्छे ऑफर को मानने से इनकार कर दिया। अमेरिका की मुख्य मांगें ये थीं:
- ईरान परमाणु हथियार न बनाए, इसका पक्का वादा करे।
- यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को पूरी तरह बंद किया जाए।
- प्रमुख संवर्धन केंद्रों को नष्ट किया जाए।
- मिलेट्स ग्रुप्स की फंडिंग रोकी जाए।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को बिना टोल के पूरी तरह खोला जाए।
बंदरगाहों की घेराबंदी और आने वाले खतरे
President Donald Trump के आदेश के बाद US Central Command ने 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों पर समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है। इस फैसले के बाद बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं। ईरान के नेवी चीफ Shahram Irani ने इस नाकेबंदी को बकवास बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप अब इस घेराबंदी के साथ-साथ ईरान के अंदर सीमित सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहे हैं। पाकिस्तान ने दोनों देशों से अपील की है कि वे मौजूदा युद्धविराम को बनाए रखें और बातचीत जारी रखें।




