US-Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों को किया ब्लॉक, आज से रुक जाएगा जहाजों का आना-जाना
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। US सैन्य कमांड ने ऐलान किया है कि वे आज सुबह 10 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों पर जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह रोक देंगे। यह बड़ा फैसला पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत के फेल होने के बाद लिया गया है। अब पूरी दुनिया की नजरें Strait of Hormuz पर टिकी हैं क्योंकि यहाँ से तेल और माल का बड़ा व्यापार होता है।
अमेरिका ने क्या नियम लागू किए हैं?
US Central Command (CENTCOM) ने साफ़ किया है कि यह नाकेबंदी सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। इसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के पोर्ट्स भी शामिल हैं। हालांकि, अमेरिका ने यह भी बताया है कि जो जहाज सिर्फ Strait of Hormuz से गुजर रहे हैं और ईरान नहीं जा रहे, उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। कमर्शियल जहाजों को रेडियो चैनल 16 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है ताकि वे सुरक्षित रह सकें।
ईरान का इस पर क्या कहना है?
ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि Strait of Hormuz के पास आने वाले किसी भी सैन्य जहाज को युद्ध की तैयारी माना जाएगा और उसका सख्त जवाब दिया जाएगा। ईरान का दावा है कि इस जलमार्ग पर उनका पूरा कंट्रोल है और कोई भी गलत कदम उठाने वाले देश को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान शर्तें बदलने और गलत रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
विवाद की मुख्य बातें और मौजूदा स्थिति
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ब्लॉक शुरू होने का समय | 13 अप्रैल 2026, सुबह 10 बजे ET |
| मुख्य कारण | इस्लामाबाद में शांति वार्ता की विफलता |
| अमेरिकी आदेश | ईरानी पोर्ट्स पर जहाजों की आवाजाही बंद |
| ईरानी चेतावनी | सैन्य जहाजों के आने पर सख्त कार्रवाई |
| अमेरिकी जहाज | USS Michael Murphy और USS Frank E. Peterson |
| प्रभावित क्षेत्र | Strait of Hormuz, अरब की खाड़ी, ओमान की खाड़ी |
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस नाकेबंदी का आदेश दिया और कहा कि ईरान द्वारा बिछाए गए माइन्स को नष्ट किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी जहाज इलाके में मौजूद हैं, हालांकि ईरान ने दावा किया है कि उनके बलों ने अमेरिकी जहाजों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।




