US ने ईरान के बंदरगाहों की की घेराबंदी, तेल की कीमतें बढ़ीं, समुद्री रास्तों पर बढ़ा तनाव
अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों और बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है। इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत के फेल होने के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। इस फैसले से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में उछाल आया है और मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत बढ़ गया है।
अमेरिका ने घेराबंदी क्यों की और नियम क्या हैं?
US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 से यह नाकाबंदी लागू हो गई है। इसका मकसद ईरान को तेल निर्यात से होने वाली कमाई को रोकना है। अमेरिका ने साफ किया है कि वह केवल ईरान के बंदरगाहों पर जाने या वहां से आने वाले जहाजों को रोकेगा, जबकि अन्य जहाजों को रास्ता दिया जाएगा।
ईरान और ब्रिटेन का इस पर क्या कहना है?
ईरान के नौसेना कमांडर शाहराम ईरानी ने इस कदम को मज़ाक बताया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी सैन्य जहाज Strait of Hormuz के पास आया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। दूसरी तरफ, ब्रिटेन ने इस नाकाबंदी में शामिल होने से मना कर दिया है और वह समुद्री रास्तों को खुला रखना चाहता है।
मुख्य जानकारी एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बातचीत नाकाम होने की तारीख | 12 अप्रैल 2026 |
| नाकाबंदी शुरू होने का समय | 13 अप्रैल 2026, सुबह 10:00 AM ET |
| मुख्य negotiator (US) | JD Vance |
| मुख्य चेतावनी (Iran) | सैन्य जहाजों पर हमला हो सकता है |




