Iran vs Trump: ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार, ग़ालिबाफ़ बोले- अगर आप लड़ेंगे तो हम भी लड़ेंगे
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर ग़ालिबाफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकियों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के दबाव या किसी भी धमकी से ईरानी राष्ट्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकाबंदी करने का आदेश दिया।
ईरान ने ट्रंप की धमकियों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मोहम्मद बाकेर ग़ालिबाफ़ ने 12 अप्रैल 2026 को स्पष्ट किया कि ईरान अपनी स्थिति पर अडिग रहेगा और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका युद्ध का रास्ता चुनेगा तो ईरान भी लड़ना जानता है, लेकिन अगर बातचीत तर्क के साथ होगी तो ईरान भी तर्क से ही जवाब देगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या विवाद है?
डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान अंततः अमेरिकी शर्तों को मान लेगा। हालांकि, ईरान के अधिकारियों ने उनकी नाकाबंदी की धमकी को खारिज कर दिया है। मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- नौसेना प्रमुख शाहराम ईरानी: उन्होंने ट्रंप की नाकाबंदी की धमकी को हास्यास्पद बताया।
- IRGC की चेतावनी: रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने वाले किसी भी सैन्य जहाज को युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
- जहाजों का रास्ता: ईरान ने साफ किया कि यह जलमार्ग गैर-सैन्य जहाजों के लिए नियमों के अनुसार खुला है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत क्यों विफल हुई?
पाकिस्तान में आयोजित अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। ग़ालिबाफ़ ने पहले ही अमेरिका पर ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के तीन हिस्सों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इन विवादों में लेबनान में युद्धविराम का पालन न करना, ईरानी हवाई क्षेत्र में ड्रोन का घुसना और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से इनकार करना शामिल था।




