Donald Trump का ईरान को बड़ा झटका, अब ईरानी बंदरगाहों पर नहीं जा सकेंगे जहाज़, तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने ऐलान किया है कि सोमवार सुबह 10 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी जाएगी. यह फैसला इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत के नाकाम होने के बाद लिया गया है, जिससे अब पूरी दुनिया और खास तौर पर खाड़ी देशों में हलचल मच गई है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घोषणा की तारीख | 12 अप्रैल, 2026 |
| लागू होने का समय | 13 अप्रैल, 2026, सुबह 10 बजे (ET) |
| प्रभावित इलाका | Strait of Hormuz और ईरानी बंदरगाह |
| मुख्य कारण | इस्लामाबाद शांति वार्ता की विफलता |
| अमेरिकी नेतृत्व | Donald Trump और JD Vance |
| ईरानी नेतृत्व | Abbas Araghchi और Mohammad Bagher Ghalibaf |
नाकाबंदी के नियम क्या हैं और कौन प्रभावित होगा?
US Central Command ने साफ किया है कि यह नाकाबंदी Strait of Hormuz में लागू होगी. इसके तहत किसी भी देश का वह जहाज़ जो ईरान के बंदरगाहों में जा रहा होगा या वहां से निकल रहा होगा, उसे रोका जाएगा. हालांकि, जो जहाज़ केवल रास्ते से गुज़र रहे हैं और ईरान नहीं जा रहे, उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी. अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाज़ों को पकड़ेगी जिन्होंने ईरान को टोल दिया है और समुद्र में बिछाई गई माइन्स को नष्ट करने का काम भी शुरू करेगी.
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत क्यों टूटी?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली. लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद यह वार्ता विफल हो गई. Trump ने ईरान पर दुनिया को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर किसी ईरानी ने अमेरिकी या शांतिपूर्ण जहाज़ों पर हमला किया, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
आम लोगों और तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ेगा?
ईरान की संसद ने चेतावनी दी है कि इस नाकाबंदी की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है. IRGC ने कहा है कि अगर अमेरिकी जहाज़ों ने नाकाबंदी लागू करने की कोशिश की, तो इसे युद्ध की तरह देखा जाएगा और इसका करारा जवाब दिया जाएगा. वहीं ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका की इस कार्रवाई को गलत बताया है. इस तनाव से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार करने वालों के बीच चिंता बढ़ गई है.




