PM Modi का महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान, 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव और आरक्षण पर अपडेट, 32 करोड़ महिलाओं ने खोले जन धन खाते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए बड़े कदमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि महिलाओं को अब 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव मिल रही है और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 के चुनावों तक लागू करने की पूरी तैयारी है. सरकार का लक्ष्य महिलाओं को राजनीति और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है ताकि वे समाज में बराबरी का हक पा सकें.
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम और आरक्षण के नए नियम क्या हैं?
महिलाओं के आरक्षण कानून में बदलाव लाने के लिए 16 से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. सरकार चाहती है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों तक लागू कर दिया जाए. इसके तहत लोक सभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है, जिसमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
इस योजना को लागू करने के लिए सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर काम करेगी, ताकि नए परिसीमन की वजह से 2034 तक का इंतज़ार न करना पड़े. कैबिनेट ने इस अधिनियम को चलाने के लिए ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी है.
मैटरनिटी लीव और जन धन योजना में क्या बदलाव हुए?
प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है, जो कई विकसित देशों में भी नहीं मिलता. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2026 को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए गोद लेने वाली माताओं को भी 12 हफ्ते की पेड लीव देने का आदेश दिया है, चाहे बच्चे की उम्र कुछ भी हो.
आर्थिक मजबूती की बात करें तो जन धन योजना के तहत अब तक 32 करोड़ महिलाओं ने अपने बैंक खाते खोले हैं. इसके अलावा, पीएम आवास योजना के तहत घरों का रजिस्ट्रेशन भी महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लोक सभा कुल सीटें (प्रस्तावित) | 816 |
| महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें | 273 |
| जन धन खाते (महिलाएं) | 32 करोड़ |
| कुल जन धन खाते | 56 करोड़ |
| मैटरनिटी लीव (सामान्य) | 26 हफ्ते |
| गोद लेने वाली माताओं को लीव | 12 हफ्ते |




