US Iran Blockade: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, तेल बिक्री पर लगेगा ब्रेक
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बहुत बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के सभी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है। यह बड़ा कदम इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद उठाया गया है, जिससे अब दुनिया भर के व्यापार और तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अमेरिका ने क्या आदेश दिया और यह कब से लागू हुआ?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इस घेराबंदी में अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के क्षेत्र शामिल हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जो जहाज ईरान नहीं जा रहे हैं, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने में कोई परेशानी नहीं होगी।
ईरान, रूस और ब्रिटेन की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान ने इस कार्रवाई को अमेरिका की चाल बताया है और चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाह बंद हुए तो खाड़ी के अन्य बंदरगाह भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा है कि सुरक्षा या तो सबके लिए होगी या किसी के लिए नहीं। वहीं रूस ने चेतावनी दी है कि इस कदम से ग्लोबल ट्रेड मार्केट को नुकसान होगा, जबकि ब्रिटेन ने इस घेराबंदी का समर्थन करने से मना कर दिया है।
यह पूरा विवाद आखिर शुरू क्यों हुआ?
12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हुई थी, लेकिन यह नाकाम रही। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अपने परमाणु प्रोग्राम को बंद करने से इनकार कर दिया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह फैसला लिया ताकि ईरान को तेल बेचने से रोका जा सके और उस पर दबाव बनाया जा सके।



