ईरान के Bushehr परमाणु प्लांट से रूस ने निकाला अपना स्टाफ, अमेरिका और इसराइल के हमलों के बीच अंतिम चरण पूरा
ईरान के Bushehr परमाणु संयंत्र में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। रूस ने यहाँ काम करने वाले अपने कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने का आखिरी चरण शुरू कर दिया है। अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद यहाँ परमाणु हादसे का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
रूस ने कर्मचारियों को बाहर क्यों निकाला?
क्षेत्र में अमेरिकी और इसराइली हमलों के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ गया था। Rosatom कंपनी के CEO अलेक्सी लिक्खाचेव ने बताया कि संयंत्र में स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो किसी भी दिन परमाणु हादसा हो सकता है। इसी खतरे को देखते हुए लगभग 200 लोगों के इस अंतिम समूह को बाहर निकालने की तैयारी की गई थी।
निकासी ऑपरेशन की मुख्य बातें
इस पूरे ऑपरेशन से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियाँ नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल कर्मचारी | लगभग 200 लोग (अंतिम चरण) |
| गंतव्य देश | Armenia |
| कारण | अमेरिकी और इसराइली हमले |
| नुकसान | सुरक्षा टीम का एक सदस्य मारा गया |
ईरान और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
ईरान ने इन हमलों को ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है और इसकी शिकायत अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) से की है। IAEA के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि परमाणु केंद्रों को हमले का निशाना नहीं बनाना चाहिए क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र में तबाही मच सकती है। रूस ने सुरक्षित निकासी के दौरान अमेरिका और इसराइल से युद्धविराम की मांग की थी ताकि कर्मचारियों का काफिला बिना किसी खतरे के निकल सके।




