India-France Talk: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने की फ्रांसीसी विदेश मंत्री से मुलाकात, West Asia के हालातों पर हुई चर्चा
भारत के विदेश सचिव Vikram Misri इन दिनों फ्रांस के दौरे पर हैं। उन्होंने पेरिस में फ्रांसीसी विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot के साथ एक अहम बैठक की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों पर बात हुई। सबसे ज्यादा ध्यान पश्चिम एशिया (West Asia) के तनावपूर्ण माहौल पर दिया गया।
मीटिंग में किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने हाई-एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी पार्टनरशिप को बढ़ाने पर सहमति जताई। इस चर्चा में मुख्य रूप से निम्नलिखित सेक्टर शामिल थे:
| सहयोग का क्षेत्र | चर्चा का मुख्य बिंदु |
|---|---|
| डिफेंस | सैन्य सहयोग को बढ़ाना |
| न्यूक्लियर एनर्जी | सिविल परमाणु ऊर्जा पर काम |
| स्पेस | अंतरिक्ष अनुसंधान में साझेदारी |
| टेक्नोलॉजी | AI और साइबर सिक्योरिटी |
| पर्यावरण | जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य |
| ग्लोबल इश्यूज | इंडो-पैसिफिक और तीसरे देशों में प्रोजेक्ट्स |
West Asia के हालात और सुरक्षा पर क्या रहा स्टैंड?
बैठक के दौरान West Asia की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही संकेत दिया था कि इस क्षेत्र के संकट और ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पर बातचीत होगी। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय तनाव को कम करना जरूरी है। इसके अलावा, दोनों देशों ने सांस्कृतिक रिश्तों और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर भी बात की।
इस दौरे का महत्व और पिछला संदर्भ क्या है?
विक्रम मिसरी का यह दौरा 12 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ और यह कुल तीन दिनों की यात्रा है, जिसमें वह जर्मनी भी जाएंगे। यह मुलाकात एक बड़ी कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले फरवरी 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron भारत आए थे। वहीं 19 मार्च 2026 को पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भी West Asia के हालात पर चर्चा की थी और शांति के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की बात कही थी।




