US-Iran News: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का किया ऐलान
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाई. अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान से यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) बंद करने की शर्त रखी थी, जिसे ईरान ने मानने से साफ इनकार कर दिया. इस विफलता के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नाकाबंदी करने का आदेश दे दिया है.
अमेरिका की क्या शर्तें थीं और ईरान ने क्यों मना किया?
इस बैठक में अमेरिका ने कुछ सख्त “रेड लाइन्स” तय की थीं. अमेरिका की मुख्य मांग थी कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे, अपनी बड़ी फैक्ट्रियों को हटाए और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को खत्म करे. इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और उग्रवादी समूहों की मदद बंद करने की शर्त भी रखी गई थी. ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर कालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ईरानी प्रतिनिधिमंडल का भरोसा जीतने में नाकाम रहा और ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को अपना संप्रभु अधिकार बताया.
बंदरगाहों की नाकाबंदी और आने वाला खतरा
बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू होगी. US Central Command ने स्पष्ट किया कि अब ईरानी पोर्ट्स में आने और जाने वाले सभी ट्रैफिक को रोका जाएगा. इस कदम के जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो वह सैन्य कार्रवाई करेगा. गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा मौजूदा युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को समाप्त हो जाएगा.
दोनों देशों के दावों और बयानों में अंतर
इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बयानों में काफी विरोधाभास रहा है, जिसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| पक्ष/स्रोत | दावा या स्थिति |
|---|---|
| अमेरिका की मांग | यूरेनियम संवर्धन बंद हो और स्टॉक जमा न किया जाए. |
| ईरान का पक्ष | यूरेनियम संवर्धन नागरिक उद्देश्यों के लिए जरूरी और कानूनी है. |
| व्हाइट हाउस (8 अप्रैल) | ईरान ने संवर्धित यूरेनियम स्टॉक सौंपने का संकेत दिया था. |
| फरवरी की रिपोर्ट | ईरान का दावा था कि अमेरिका ने उनके संवर्धन की शर्त मान ली थी. |
| ईरानी दूत (रेजा नजफी) | ईरान परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम संवर्धन नहीं कर रहा है. |




