US Naval Blockade: अमेरिका ने ईरान की बंदरगाहों की घेराबंदी की, समुद्र में उतारे 11 डिस्ट्रॉयर और विमानवाहक पोत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब काफी बढ़ गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने ईरान की बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी शुरू कर दी है। इस ऑपरेशन के लिए अमेरिका ने अपने सबसे ताकतवर युद्धपोत और डिस्ट्रॉयर इलाके में तैनात किए हैं। यह फैसला इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत के नाकाम होने के बाद लिया गया है।
अमेरिका ने समुद्र में कौन-सी ताकत तैनात की है?
अमेरिकी सेना ने इस घेराबंदी के लिए भारी तादाद में युद्धपोत भेजे हैं। इनमें विमानवाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं जो इलाके पर नज़र रखेंगे।
| तैयारी | संख्या/नाम |
|---|---|
| विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) | USS Gerald R. Ford, USS Abraham Lincoln |
| डिस्ट्रॉयर (Destroyers) | 11 (USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy सहित) |
| असॉल्ट शिप (Assault Ships) | 3 |
| अमेरिकी मरीन (Marines) | करीब 2,200 (31st Marine Expeditionary Unit) |
घेराबंदी के नियम और असर क्या होंगे?
U.S. Central Command (CENTCOM) ने 13 अप्रैल 2026 से इस घेराबंदी को लागू कर दिया है। इसके मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
- ईरान की बंदरगाहों में आने और जाने वाले सभी जहाजों को रोका जाएगा।
- यह नियम सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगा।
- होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले उन जहाजों को नहीं रोका जाएगा जो ईरान नहीं जा रहे।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद हुआ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो जहाज ईरान को टोल देंगे, उन्हें रोका जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि उन पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई भी गलत कदम दुश्मनों के लिए खतरा बनेगा। ईरान ने इस कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन माना है।




