Israel और Lebanon के बीच दशकों बाद हुई सीधी बात, वॉशिंगटन में शुरू हुई मीटिंग, हिज़्बुल्लाह के मुद्दे पर फंसा मामला
Israel और Lebanon ने दशकों बाद पहली बार वॉशिंगटन D.C. में सीधे बातचीत शुरू की है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio की मौजूदगी में यह मीटिंग हुई है। जहाँ एक तरफ डिप्लोमेसी की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सरहद पर गोलाबारी और हमले अभी भी जारी हैं।
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वॉशिंगटन मीटिंग में किन बातों पर चर्चा हुई?
Israel के राजदूत Yechiel Leiter ने कहा कि Lebanon अब हिज़्बुल्लाह के कब्जे में नहीं रहना चाहता। Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कर दिया कि वे हिज़्बुल्लाह के साथ किसी युद्धविराम (ceasefire) पर बात नहीं करेंगे। Israel की मुख्य शर्त यह है कि हिज़्बुल्लाह के हथियारों को पूरी तरह खत्म किया जाए और शांति संबंध बनाए जाएं। दूसरी तरफ, Lebanon के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने उम्मीद जताई कि इस बातचीत से उनके देश की तकलीफें खत्म होंगी, लेकिन उन्होंने Israel के कब्जे को खत्म करने की मांग भी रखी।
हिज़्बुल्लाह का विरोध और जमीनी हालात
हिज़्बुल्लाह के नेता Naim Qassem ने इस पूरी बातचीत को बेकार बताया है और Lebanon सरकार से इन चर्चाओं से पीछे हटने को कहा है। इस बातचीत के बीच भी युद्ध जारी रहा और Israel ने दक्षिण Lebanon के Tyre शहर में बमबारी की। जवाब में हिज़्बुल्लाह ने Israel के 13 कस्बों पर रॉकेट दागे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Israel अब दक्षिण Lebanon में लंबे समय तक कब्जा बनाए रखने की तैयारी कर रहा है ताकि एक सिक्योरिटी ज़ोन बनाया जा सके।
विवाद और बातचीत की अब तक की मुख्य तारीखें
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 2 मार्च 2026 | हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी Israel में रॉकेट दागे |
| 31 मार्च 2026 | Israel ने दक्षिण Lebanon पर कब्जे का ऐलान किया |
| 8 अप्रैल 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू |
| 11 अप्रैल 2026 | Israel और Lebanon के राजदूतों के बीच पहली फोन कॉल हुई |
| 14 अप्रैल 2026 | वॉशिंगटन में पहली सीधी डिप्लोमैटिक बातचीत शुरू हुई |




