Saudi पर ड्रोन अटैक: क्राउन प्रिंस ने की सेना की तारीफ, ईरान के हमलों से देश को बचाया, काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने जताया आभार
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की अध्यक्षता में काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में सऊदी सेना की बहादुरी की जमकर तारीफ की गई। सेना ने ईरान की तरफ से हुए हमलों को रोककर देश की सुरक्षा की। यह पूरा मामला क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच सामने आया है।
सऊदी कैबिनेट ने सेना की तारीफ क्यों की?
सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने देश की सेना को उनके जांबाज काम के लिए सराहा। सेना ने ईरान के उन हमलों का मुकाबला किया जिन्हें सरकारी तौर पर घिनौना बताया गया। इन हमलों का मकसद सऊदी अरब की संपत्तियों और संसाधनों को नुकसान पहुंचाना था। सरकार ने कहा कि सेना की वजह से ही देश और उसकी उपलब्धियां सुरक्षित रहीं।
इलाके में और क्या बड़े बदलाव हुए?
- पाकिस्तान की मदद: 14 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब में पाकिस्तान की सैन्य टुकड़ी पहुंची, जो डिफेंस समझौते का हिस्सा है।
- अमेरिकी कार्रवाई: इसी दिन अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और जहाजों की नौसैनिक घेराबंदी शुरू कर दी।
- डिप्लोमैटिक कोशिश: सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने तनाव कम करने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या स्थिति है?
पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था। लेकिन इस्लामाबाद में हुई बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ईरान ने अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी को समुद्री डकैती करार दिया है। इस तनाव के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।




